ऋषिकेश। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने बताया कि ऊर्जा के विभिन्न रूपों से ऊर्जा उत्पादन करने के अलावा, टीएचडीसीआईएल समग्र भारत में ढलान स्थिरीकरण समाधानों के लिए अग्रणी परामर्शी सेवा प्रदाता के रूप में भी उभर रहा है। बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में अपनी भूमिका को सुदृढ करते हुए, टीएचडीसीआईएल ने अतिरिक्त तीन वर्षों के लिए अपनी परामर्श सेवाओं के विस्तार के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच), देहरादून के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। श्री विश्नोई ने कहा कि एमओयू के तहत, टीएचडीसीआईएल भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों का अध्ययन करने और उत्तराखंड में चारधाम मार्ग, कैलाश मानसरोवर मार्ग के एक हिस्से और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों सहित विकास के तहत खंडों के लिए शमन उपायों की सिफारिश करने के लिए एक सलाहकार के रूप में जारी रहेगा। इस परामर्शी कार्य से लगभग घ् 40 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
टीएचडीसीआईएल के निदेशक (तकनीकी) भूपेंद्र गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि संगठन विशिष्ट स्थलीय चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए लचीले और पारंपरिक तरीकों को एकीकृत करते हुए उन्नत भू-तकनीकी समाधान अपना रहा है। यह पहल उत्तराखंड में सड़क के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और विश्वसनीयता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी। समझौता ज्ञापन पर टीएचडीसीआईएल के कार्यपालक निदेशक (तकनीकी) संदीप सिंघल एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, देहरादून के मुख्य अभियंता एवं आरओ दीपक कुमार शर्मा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर टीएचडीसीआईएल की ओर से महाप्रबंधक डॉ. नीरज कुमार अग्रवाल और प्रबंधक (परिकल्प एवं अभियांत्रिकी) अमित श्याम गुप्ता के साथ सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, देहरादून की ओर से अधीक्षण अभियंता पूरन सिंह तथा अधिशासी अभियंता सुमित रूपम सौरव भी मौजूद थे। टीएचडीसीआईएल अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, एनएचएआई पुणे, एनएचएआई शिलांग, उत्त्तराखंड राज्य लोक निर्माण विभाग एवं एनएचआईडीसीएल सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसी तरह के परामर्श कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल है। इसके अतिरिक्त, कंपनी माता वैष्णो देवी और अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण ढलान संरक्षण और रॉकफॉल शमन समाधान प्रदान कर रहा है, जो लचीले एवं नवीनतम उपायों को अपनाते हुए बुनियादी ढांचे को सुरक्षा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ करता है।